आशा ही जिवन है। Hope is life.

हँ मित्रो आश रख्ते है हम सभ चाहे हमलोग किसि भी वर्ग मे ताल्लुख रख्ते है, हम सभी कुछ न कुछ आश रख्ते है।

मन्दीर के आगे भीख के आश मे बैठे हुए लोग तो हम सभी ने देख्ते है कि कोही आएगा उन्है भी प्रसाद व दान मिलेगा ओर आपनी पेट आग बुझाएगा,ऐसे ही बडे लोगौका बडे ही आश होते है मित्रो।

कुछ लोग इसको बडे ही आसान भाषा मे दन वा दोनेशन बोल्ते है मगर असल मे व भी भिख हि कहलता है।

धन्यावाद

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पैसे लोगौको सबकुछ कराता है

https://cashvslife.files.wordpress.com/2019/01/img_20190107_103120393358490.jpgहँ मित्रो, वह कौनसी चिज है जो इन्सानको मजबुर कर देता है,अच्छा बुरा से बुरा काम करादेता है वह है पैसा…

तो मित्रो हम जो भी काम करते है कहीँ न कहीँ किसी न किसी तरीके से पैसे से जुडाँ होता है ओर यह चिज ही ऐसा बनाया है की इसके बिना हामारी जिवन अधुरा है।

नगरी काम पुग्दैन खान साँझ र बिहान….

नगरी काम पुग्दैन खान…. भन्ने यो सानो कवीता सानो छदाँ कण्ठ गर्न नसकेर डण्डा खाएको याद आज पनी ताजा हुन जान्छ, जब यो पँक्ती हरु कान मा गुन्जिछ।

त्यो सानो हुँदा जिवन मा केही त छ जो हामीले हासील गर्नु पर्छ, भन्ने मनमा चाहत,दिलमा उमंग हुन्थ्यो। त्यही चाहानाले गर्दा हामी कहाँ बाट कहा पुग्यौ र कहाँ छौ यसका प्रत्येक हाँगा र पातहरुँलाई पहील्याउन गाह्रो छ र फेरी पनी हमी हाम्रो जिवन मा केही न केही नयाँ कुरा सिक्नु अनी सँघर्ष गर्नु नै यथार्त मा जिवन रहेछ।

जसले समयमा समयको कदर गर्न जानेको वा बुजेको मान्छे ले कहिल्यै पनी कहीँ पनी असफल को तितो नतिजा खानु पर्दैन।

हजुरहरुको …

जगत बिर…

मन परे लाइक र शेयर गरीदिनु होला अनी मलाई सुझाब पनी दिनु होला।।

एक गरीब की नयाँ साल की सुरुवात

मित्रो,Happy New Year 2019, सभी को सफलता एवँ सुख शान्ती कि कामना करते हुए मै आज एक गरीब होने के नाते मेरी सालकी सुरुवात करने जा रहा हु।

हँ दोस्तो अगर आप के पास पर्याप्त पैसे है त़ो आप गरीब नहीँ हो सक्ते, क्योँ की पैसे वा धन आपके पास है ईसका मिन्स यह है की आपका पास सब है, जैसे घर, अच्छे कपडे, गाडी ओर वो सभी चिजे होँगे जो हर जरुरत पड्ते है।

खैर दोस्तो,यह सब तो धनवान का पास ही होता है।हम तो गरीब है,मजदुर मेहनत से जीत्ना कमता है ऊसि मे रमता है,मगर भिख नहि माग्ता, फिर भी वह एक दिन पैसेवाला बन्ने के सपना भी देख्ता है ओर जिज्यान लगाके काम भी करता है।

नतीजन कुछ गरीबलोग कामयावी हासील करलेते है,कुछ तो पुरी मेहनत से भी कामयाबी नही हो पाते। मगर जिना जरुरी है, तो काम तो करना ही पडेगा, सो मै भी इसमे ही एक हु,ओर हर जरुरत को पुरा करमे सक्षम नही हु, जमना बदल गया, फिर भी हम दश बार्ह घण्टे काम करने को मजबुर, smart जमना आया है मगर हम वहीँ धुल मिट्टी के खेल्ते है, सोते है क्योँ की हम गरीव है।

पैसे कमाते है, मगर घर वा बच्चे का खर्च अथवा घर चलाना ही, मुश्किल वफ…….अब 2018 खतम होगया ,2019 को स्वागत करने केलीए दुनीयाँ भर के लोगौ ने कयौ तरीके से कयौ खर्च करलीए मगर हम 500 केलीए दीनरात एक करदीया, पत्ता भी नही चला की 2018 जा चुकी है।

अन्तिम मै मित्रो, जो ब्यक्ती जहाँ है जो करता है, अपनि हैसीयत की हिसाब से जी ता है। मै भी वही करता हु, जिने केलीए वा पैसे केलीए काम तो करना ही पड्ता है।

धन्यावाद,

जगत बिर

गरीबको जिन्दगी

सपना किसका पुरी होता है ,शायद किसीका नहीँ, चाहे पेसे बहुत हो मगर इच्छा किसिका भी पुरी नहीँ होती, खाली सम्झौता करना पड्ता है।

गरीब लोँगोँ का तो क्या बात करे,उनका तो सबकुछ निन्द मैही छुटजाता है। केबल याद ही रह जाता है सपनो की। मगर ह वो सपने ईत्ना खुबसुरत होता है की हक्किकत वा वास्तविक जीवन के मेल खाति है।

गरीब हु करके सपने देख्ना छोड् देने से वा फिर सपना देख्ना छोड्ने से हामा रे जिबन नही कातनी मुश्कील हो जा ता है।।

अतः दोस्तो सपने पुर हो वा नहोँ कोशीसे करती रहन चाहीए। आसमानकी उडाने उत्नी आसान नहीँ


खुशी, दुःख, धनी, गरीब
आजाद जिन्दगी
हमेँ खुशी चाहिए, प्यार, परीवार,घर, मान, ईज्जत सबकुछ चहीए, ईसकेलीए पैसा चाहीए यानीकी गरीब नही।।

धन्यावाद।।

जगत बीर

गरीब ओर भीखारी मे अन्तर

दोस्तो, आजकी यह स्मार्त जमाना ओर नयी पिढी के लोग हम ईन्सानकी कोही ईज्जत, मान,आदर , सत्कार नहीँ जान्ते। हम यह भी भुलजाते है की हम सब ईन्सान है, ओर हमे भुक,प्यास, गर्मी, सर्दी, लाज-हया आती है हम सब फिर भी……..

मगर घरमे यसोआराम ओर सबकुछ होतेहुए भी भिख माग्ना गलत है फिर भी लोग करते है, क्यो की यह उसका पेषा है। जिसका कुछ नही मजबुर है फीर भी वो हात नही फैलाता भलेही वो मरजाए….बर्सते वह गरीब है, इसको ही गरीब बोल्ते है। मगर एक गरीब आपनी हालात शेयर नही करते, नही कभी अपनेआपको गरीब समझता है,वह मिहीनेत करता है, चोरी नही, पुरी जिन्दगी ईमान्दारी से रोती कमाता है ओर आपने बच्चो परीवार के साथ खुशी खुशी जीता है वही गरीब है

धन्यावाद,

कृपया लाईक, कमेन्त मे सुजाब देँ।

जगत बीर

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